महासमुंद: आंगनबाड़ी केंद्रों की रंगाई-पुताई में भ्रष्टाचार

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 महासमुंद: आंगनबाड़ी केंद्रों की रंगाई-पुताई में भ्रष्टाचार

महासमुंद जिले के बरोली क्षेत्र गांव  में आंगनबाड़ी केंद्रों की रंगाई-पुताई के नाम पर जारी राशि में भ्रष्टाचार की बात सामने आई  है. राशि को लेकर सेक्टर सुपरवाइजर और विकासखंड परियोजना अधिकारी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. जिम्मेदार अधिकारी केस में जांच की बात कह रहे हैंके के 

महासमुंद: बसना विकासखंड के 260 आंगनबाड़ी केंद्रों की रंगाई-पुताई के लिए शासन से पैसे दिए गए थे. प्रत्येक आंगनबाड़ी के लिए 3-3 हजार रुपये के हिसाब से 7 लाख रुपये आवंटित किया था. आंगनबाड़ी केंद्र के अंदर और बाहर रंगाई-पुताई कराना था

आंगनबाड़ी केंद्रों की रंगाई-पुताई में भ्रष्टाचार !रंगाई-पुताई की राशि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के खाते में जमा नहीं करनी थी. रंगाई का काम दिसंबर 2020 से पहले पूरा कर लेना था, लेकिन महिला एवं बाल विकास विभाग के विकासखंड परियोजना अधिकारी ने सेक्टर चनाट और सेक्टर बारा डोली के 51 आंगनबाड़ी केंद्रों के कार्यकर्ताओं के खाते में 20 जनवरी को 6-6 हजार रुपये रंगाई पुताई के नाम पर डाल दिए गए

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बाद में विकासखंड परियोजना अधिकारी का मौखिक आदेश बताते हुए सेक्टर सुपरवाइजर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से पैसे मांग लिए. सेक्टर सुपरवाइजर का कहना है कि ये पैसे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के खाते में नहीं देना था, बल्कि ठेकेदार के माध्यम से उन्हें खुद पुताई कराना था. इसे लेकर अब सेक्टर सुपरवाइजर और विकासखंड परियोजना अधिकारी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पैसा वापस देने की बात कह रही हैं. वहीं विकासखंड परियोजना अधिकारी पैसा वापस मांगने से इनकार करते हुए कार्रवाई की बात कर रहे हैं. जिला परियोजना अधिकारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के खाते में राशि नहीं डालने की बात करते हुए जांच पर कार्रवाई की बात कर रहे हैं.

इस पूरे केस में आंगनबाड़ी केंद्रों की रंगाई पुताई का काम अधर में लटका है. वहीं इस पूरे प्रकरण में भ्रष्टाचार की बात सामने आ रही है. फिलहाल जिम्मेदार अधिकारी जांच की बात कह रहे



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